यशवन्तपुर
जाना है, सोच सोच के परेशान हो रहा हूँ, शहर के उस पार, कैसे पहुँचूँगा, कितनी भीड़ होगी, कितना ट्रैफ़िक होगा, कितने घण्टे लगेंगे, पार्किङ्ग मिलेगी या नहीं, वापस कब तक आ पाऊँगा, बारिश में क्या हाल होगा। कभी कभी लगता है दिल्ली जाना ज़्यादा आसान है, बजाय शहर के उस पार।
