मुम्बई को बम्बई कहना
अब रमण कौल ने सवाल उठाया है तो सोचने पर मजबूर हो गया कि बङ्गलोर का नाम कैसा बिगड़ा है।
यूँ तो बङ्गलोर शब्द बना है बङ्ग क लूरू से, यानी उबली हुई फलियों का शहर। कन्नड़ में इसे बेङ्गलूरू बोलते हैं। अङ्ग्रेज़ इसे बैङ्गालोर बोलते हैं और हिन्दी भाषी - अपने जैसे - बङ्ग्लोर। लेकिन मैसूर को कन्नड़ में मैसूरु नहीं बोलते हैं, पता नहीं मङ्गलोर को मेङ्गलूरु बोलते हैं या नहीं।
इतना ही नहीं, यहाँ बङ्गलोर से ज़रा बाहर निकलो तो लगता है कि वापस हिन्दुस्तान आ गए हैं - वैसे आजकल तो बैङ्गलोर भी हल्ली बन चुका है - हल्ली यानी गाँव।
कर्नाटक में हर जगह भाषा एक सी नहीं है। मैसूर की कन्नड़ सबसे शुद्ध मानी जाती है, जैसे मेरठी खड़ी बोली।
