यार मेरा भी दर्द समझो
जयनगर में एक साइबर कैफ़े में बैठा हूँ और बगल में बैठा ढक्कन अपने रूममेट को फ़ोन पर ज़ोर ज़ोर से मुर्गी बनाना सिखा रहा है। हद होती है यार। वो भी हैऩ्ड्स फ़्री के साथ । यहाँ पर विऩ्डोज़ 98 है इसलिए लिखने के लिए http://devanaagarii.net/inscript</> का इस्तेमाल किया।
